चंदगड तालुक्यातील हत्तीचा प्रश्न सुटणार कधी ?

2019-11-12T19:34:03
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चंदगड ( कोल्हापूर ) -हत्तींचे महाराष्ट्रातील प्रवेशद्वार म्हणून चंदगड आणि कोकणची ओळख निर्माण झाली आहे. हत्तीच्या महाराष्ट्रातील वावराला आता दीड दशकाचा काळ उलटला आहे. या कालावधीत चंदगड तालुक्‍यात हत्तींच्या हल्ल्यात सहा जणांचा बळी गेला, तर कोट्यवधी रुपयांचे पिकांचे नुकसान झाले आहे. हत्ती प्रवण भागात हा प्रश्‍न संवेदनशील होत असून, याबाबत वेळीच उपाययोजना करणे गरजेचे आहे. सुरवातीच्या काळात हत्ती हा लोकांसाठी धार्मिक आणि मनोरंजनाचा विषय होता. 2004 च्या उन्हाळ्यात आलेले हत्ती पावसाळ्यात माघारी परतले आणि आता ते पुन्हा परतणार नाहीत, असा समज करून सर्वांनीच सुटकेचा निश्‍वास सोडला, परंतु पुढच्या वर्षी पावसाळा संपताच पुन्हा हत्तींचे आगमन झाले. हा क्रम गेली पंधरा वर्ष सातत्याने सुरूच आहे. पश्चिम घाटात आढळली ही नवी वनस्पती सुगीच्या तोंडावरच कळप दाखल ऐ...

इस स्थान पर हुआ था राम-सीता का पुनर्मिलन, तभी से लगता है मेला

2019-11-12T11:36:02
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श्योपुर,जिले का एकमात्र प्रसिद्ध तीर्थ स्थल यूं तो तीन नदियों का मिलन होने से त्रिवेणी संगम कहलाता है, लेकिन जिले में अपने आप में अद्वितीय ये स्थल धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन का भी त्रिवेणी संगम है। यही वजह है कि यहां कार्तिक पूर्णिमा पर तो वार्षिक मेला लगता है, इसके अलावा भी वर्ष भर कई आयोजन होते रहते हैं। यूं तो रामेश्वर धाम केा लेकर कई किवदंतियों और मान्यताएं जुड़ी हुई हैं, लेकिन सबसे बड़ी मान्यता है कि अयोध्या से भगवान राम द्वारा माता सीता का परित्याग करने के बाद रामेश्वर में ही भगवान राम और सीता का पुनर्मिलन हुआ था, तत्समय सभी देवी-देवताओं ने पुनर्मिलन पर पुष्पवर्षा की थी। मान्यता है कि तभी से यहां कार्तिक पूर्णिमा पर मेला लगता है और श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में स्नान को पहुंचते हैं। यही नहीं रामेश्वर वो तपोभूमि है, जहां ...

23 नावों का परमिट: मेले में चल रही 2, वह भी ओवरलोड

2019-11-12T08:37:47
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खण्डार. जिला परिवहन अधिकारी ने 28 नावों का परमिट जारी कर रखा है। इसमें सबसे अधिक 23 परमिट खण्डार क्षेत्र के बड़वास व पाली क्षेत्र में जारी कर रखे हैं, जबकि अन्य परमिट अन्य जगहों के है। इसके बाद भी त्रिवेणी संगम रामेश्वर धाम मेले के दौरान मेले में नावों का टोटा लोगों की जान पर भारी पड़ सकता है। यहां रामेश्वर में दो नावों का संचालन किया जा रहा है, जबकि पांच दिवसीय मेले के दौरान इन नावों पर करीब डेढ़ लाख लोगों का भार है। उसके बाद भी प्रशासन लोगों की जान की सुरक्षा के लिए गंभीर नहीं है। गौरतलब है कि रामेश्वर में चम्बल, बनास व सीप नदी के किनारे त्रिवणी संगम परशुराम घाटपर लक्खी मेले का आगाज रविवार को हो गया था। ऐसे में वहां रविवार शाम से ही नावों का संचालन शुरू कर दिया गया है।ओवरलोड चल रही नावेंयहां मेले के दौरान नावों की कमी है। ऐसे में पहले ...

कभी बूंद-बूंद के लिए तरसा, अब पानी ही पानी

2019-11-11T16:48:27
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बेंगलूरु. मंड्या जिले के श्रीरंगपटना तालुक स्थित कृष्ण राज सागर (केआरएस) जलाशय लगातार 84 वें दिन तक अपनी पूरी क्षमता तक भरा रहा। एक दिन पहले 34 साल बाद ऐसा मौका आया जब 12 घंटे के भीतर बांध के पास रिकॉर्ड 166.8 मिमी बारिश हुई। कावेरी निरावरी निगम लिमिटेड ने कहा है कि वर्ष 1985 के बाद केआरएस में इतनी अधिक बारिश हुई है। इससे पहले वर्ष 2012 में भी 144 मिमी बारिश हुई थी। वर्ष 2000 में भी 140 मिमी बारिश दर्ज किया गया था। भारी बारिश के बाद केआरएस बांध में जल की आवक 10 हजार 558 क्यूसेक है। उधर, चामराजनगर से मिली खबरों के मुताबिक गोपीनाथम बांध भी पूरी तरह भर गया है और पानी सड़कों पर आने लगा है। इससे होगनेक्कल जल प्रपात तक आने वाले सैलानियों को असुविधा का भी सामना करना पड़ रहा है। यह बांध एमएम हिल्स के करीब है जो दो साल बाद पूरी तरह भरा है। दो पहल...

पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने किए चतुर्भुज नाथ के दर्शन

2019-11-11T09:52:57
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खण्डार. ग्राम पंचायत अनियाला के तत्वावधान में रविवार को त्रिवेणी संगम परशुराम घाट स्थित भगवान चतुर्भुज नाथ का पांच दिवसीय लक्खी मेले का आगाज प्रधान मनोरमा शुक्ला ने मंदिर परिसर में फीता काट कर किया। इसके बाद प्रधान ने चम्बल नदी किनारे स्थित भगवान परशुराम की विधिवत पूजा अर्चना की।अध्यक्षता कर रहे अनियाला सरपंच हरिमोहन मीणा, विशिष्ट अतिथि उपखण्ड अधिकारी रतन लाल अटल, थानाधिकारी रामसिंह यादव, विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद बैरवा, ग्राम विकास अधिकारी शिवशंकर गोचर, मांगीलाल गुर्जर, दिनेश शर्मा आदि ने भगवान के दर्शन किए। मेले के पहले दिन हजारों श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में स्नान कर भगवान चतुर्भुज नाथ के दर्शन किए। कार्तिक स्नान करने वाली महिलाओं ने दीपदान किए। इस दौरान प्रधान ने कहा कि मेले के दौरान किसी भी श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं हो। प्रशासन इस...

दिल्ली नहीं गई देहरादून एक्सप्रेस, भरतपुर से लौटी मुम्बई

2019-11-11T09:52:57
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हिण्डौनसिटी. सामान्य श्रेणी के किराए में एक्सप्रेस ट्रेन में सफर मुहैया कराने वाले ट्रेन देहरादून एक्सप्रेस का रविवार रात से शार्ट रूट हो गया। ट्रेन भरतपुर रेलवे स्टेशन से वापस लौट बांद्रा(मुम्बई) के लिए रवाना हो गई। ऐसे में यात्रियोकं को दिल्ली की ओर से जाने के लिए मथुरा जाना पड़ा या फिर दूसरी ट्रेनों से सफर करना पड़ा। वहीं हिण्डौन के यात्रियों को सामान्य किराए में एक्सप्रेस ट्रेन सेवा के बंद होने से महंगी ट्रेन सेवा होली डे एक्से से यात्रा करनी पड़ी। ट्रेन के शॉर्ट रूट होने से रात 10 बजे हिण्डौनसिटी स्टेशन पर देहरादून एक्सप्रेस की ट्रेन के भरतपुर तक संचालित होने की उद्घोषणा कर यात्रियों को जानकारी दी। ऐसे होली डे एक्सप्रेस में यात्री भार बढ़ गया। स्टेशन अधीक्षक गजानंद गुप्ता ने बताया कि भरतपुर की ओर जाते समय देहरादून एक्सप्रेस हिण्डौन ...


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