अभयारण्य टीम पर रेत माफिया का हमला, मारपीट कर छुड़ा ले गए डंपर

2019-06-21T17:04:21
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शिवपुरी-करैरा. जिले के करैरा अनुविभाग अंतर्गत अभयारण्य क्षेत्र से रेत का अवैध उत्खनन कर रेत ले जा रहे तीन डंपरो में से एक डंपर को अभयारण्य व फोरेस्ट की उडऩदस्ता टीम ने गुरुवार की अल सुबह ग्राम करई रमगढ़ा के पास पकड़ लिया। कुछ देर में ही डंपर चालक अपने साथ दो दर्जन से अधिक लोगों को लेकर मौके पर आया और वनकर्मियो से मारपीट कर डंपर को छुडाकऱ ले गया। इस दौरान सरेत माफिया ने डंपर के आगे रखे उडऩदस्ता के वाहन में एक के बाद एक तीनटक्कर मारी और मौके पर रेत फैलाकर फरार हो गए। सूचना के बाद डायल 100 भी मौके पर आई, लेकिन इसमें एक ही पुलिसकर्मी था जो फोरेस्ट कर्मियो के साथ तमाशा देखता रहा। बाद में मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई। पुलिस ने तीन नामजद सहित अन्य लोगों पर प्रकरण दर्ज कर लिया है। साथ ही वन विभाग ने भी आरोपियों के खिलाफ वन अधिनियम के...

राजस्थान के डांग के गांवों में सौर ऊर्जा प्लांटों ने तोड़ा दम

2019-06-21T17:03:43
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करौली. बिजली संकट से बचने के लिए सरकार सौर ऊर्जा को बढ़ावा दे रही है, लेकिन करौली जिले के डांग के गांवों में दो दशक पहले स्थापित किए गए सौर ऊर्जा के प्लांट दम तोड़ चुके है। इसका नतीजा है कि 19 साल पहले सौर ऊर्जा की रोशनी से जगमग हुए गांवों में अंधेरा छाया है। खास बात यह है कि सरकार ने इन गांवों को रोशन दर्शा रखा है।हालांकि अक्षय ऊर्जा निगम ने फिर से इन गांवों में रोशनी का प्रयास शुरू किया लेकिनयह गति धीमी हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2000-2002 में कैलादेवी अभयारण्य व वन क्षेत्र में आने वाली निभैरा, राहिर, दौलतपुरा, नानपुर, महाराजपुर पंचायत के 14 गांवों में 2 करोड़ 80 लाख रुपए की लागत से सौर ऊर्जा के प्लांट लगाए। एक प्लांट पर लगभग २० लाख रुपए से अधिक की लागत आई। सौर ऊर्जा की बिजली लगने से गांव रोशनी से जगमग हो गए। करीब दस साल तक लोगों को सौर ...

tourism छतरपुर जिले के कई पर्यटन स्थल हो रहे अनदेखी के शिकार, नहीं पहुंच पा रहे सैलानी

2019-06-21T16:59:24
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उन्नत पचौरीछतरपुर। छतरपुर एक पुराना शहर है, जो 1785 के दौरान अस्तित्व में आया। इस शहर का नाम यहां के राजा छत्रसाल के नाम पर पड़ा। छत्रसाल एक प्रतापी राजा थे जिन्होंने मुगल सम्राट औरंगजेब को युद्ध में हराकर बुंदेलखंड में अपना साम्राज्य स्थापित किया। प्राकृतिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से छतरपुर काफी ज्यादा मायने रखता है। यह राज्य के उन चुनिंदा खास स्थलों में गिना जाता है, जहां की यात्रा करना सैलानियों को बहुत ही ज्यादा पसंद है। इस लेख के माध्यम से जानिए पर्यटन के लिहाज से छतरपुर जिले के पर्यटन स्थल सैलानियों को आनंदित कर सकते है। जिले में कृषि, खनिज, उद्योग, व्यापार, बड़ी जनसंख्या, परिवहन के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में भी काफी आगे हैं, शासन और पर्यटन विभाग की अनदेखी के कारण कई पर्यटन स्थलों में सैलानी नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई पर्यटन स्थ...


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