निजी स्कूल में फंसे 350 बच्चे, मार्ग बंद होने से नहीं पहुंच पाए घर

2019-09-15T22:00:11
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चितौडग़ढ़. जानकारी के अनुसार मऊपुरा स्थित निजी विद्यालय आदर्श विद्या मंदिर में शनिवार को विद्यार्थी सामान्य दिनों की तरह ही पढऩे के लिए पहुंचे थे। पिछले दो दिन से राजस्थान-मध्यप्रदेश में हो रही भारी बारिश के चलते जिले के बेगूं और भैंसरोडग़ढ़ क्षेत्र में बाढ़ के हालात बन गए। रावतभाटा क्षेत्र के गांधीसागर बांध में पानी की निरंतर आवक के चलते राणा प्रताप सागर बांध के गेट खोलने पड़े। इससे रावतभाटा-भैंसरोगढ़ पुलिया पर पानी आने से आवाजाही बंद हो गई। पुलिया से आवाजाही बंद होने से इस स्कूल के बच्चे घर नहीं जा सके। कक्षा ३ से १२वीं तक के करीब ३५० बच्चे व स्टाफ के ५० सदस्यों को शनिवार की रात स्कूल में ही गुजारनी पड़ी। बताया गया कि भैंसरोडगढ़ में करीब २५ सरकारी शिक्षक भी अपने घर नहीं जा पाए। बच्चों व स्टाफ के भोजन की व्यवस्था ग्रामीणों व स्कूल प्रबंधन...

पंचायतों में ग्राम सभा आयोजित कर जताएंगे विरोध

2019-09-14T12:08:25
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नारायणगंज. प्रस्तावित राजा दलपत शाह अभयारण्य का विरोध बीजाडांडी, निवास व नारायणगंज विकासखंड की जनता के द्वारा किया जा रहा है। जिसको लेकर शुक्रवार को बीजाडांडी में जनप्रतिनिधियों व नागरिकों की उपस्थित में बैठक आयोजन किया गया। बैठक में बताया गया कि बरेला, बीजाडांडी, कालपी तथा टिकरिया वन परिक्षेत्र को मिलाकर राजा दलपत शाह अभयारण्य का निर्माण होना प्रस्तावित है। इससे क्षेत्र में निवास करने वाले समुदाय के जन जीवन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। बैठक में बताया गया कि बीजाडांडी विकास खंड के 40 पंचायत के सरपंचो से इस सबंध में चर्चा कर विरोध किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि राज्य में 10 राष्ट्रीय पार्क एवं 25 अभयारण्य हैं । जिसके कारण 94 गांव के 5 हजार 460 परिवारों बहुत पहले विस्थापित किए जा चुके हैं तथा इस राष्ट्रीय पार्क में अब में कोर एरिया बढ़ाने क...

बाघ उग्र, जिम्मेदार कौन ?

2019-09-13T22:12:14
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आज रणथम्भौर बाघ परियोजना के जंगल उदास हैं, शोक की स्तब्धता है। एक बाघ इंसान पर हमला कर उसके शिकार का दोषी बना है। इंसान पर हमला करना बाघों को कभी सुहाता नहीं है। इसीलिए तो रणथम्भौर परियोजना में वे पर्यटकों को अपने शाही अंदाज आराम से दिखाते हैं। फिर आखिर ऐसा क्या हुआ कि रणथम्भौर बाघ परियोजना के राजा इन बाघों में से एक बाघ ने एक के बाद एक तीन इंसानों पर हमला कर उन्हें शिकार बनाया? रणथम्भौर में यह कहानी पहली बार नहीं हुई है। फिर दुर्भाग्यशाली घटनाक्रम का दोहराव हो गया। उस्ताद (टी-24 ) की राह पर चलते हुए लैला का लाडला( टी 104 ) भी आक्रामक बाघ बन गया है। कैला देवी अभयारण्य क्षेत्र में आज युवक को लगे बाघ के पंजों को महज एक हादसा भर नहीं कहा जा सकता। टी 104 क्यों आक्रामक हुआ, इस सवाल के सूत्र खोजें तो इसके जिम्मेदारों की पहचान होते देर नहीं लगे...

जहां युवक को मारा,वहां फिर पहुंचा बाघ टी-104

2019-09-13T22:12:14
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सवाईमाधोपुर. कैलादेवी अभयारण्य क्षेत्र के सिमिर बाग गांव में जिस जगह पर बाघ टी-104 (Tiger-104)ने युवक को मारा था, गुरुवार देर रात वह बाघ वहां आ धमका। शव स्थल पर व खेत में घूमता रहा। जैसे वह शिकार को तलाश रहा हो। टे्रकिंग करने वाले वनकर्मियों ने उसे देखा। उसके पगमार्क के आधार पर इस बात की पुष्टि की है। हालांकि बाद में वहां से वह करीब एक किलोमीटर दूर हडिय़ा की खोह की ओर चला गया। उधर, युवक का शिकार करने के बाद से बाघ टी-104 वन विभाग के लिए एक अबूझ पहेली साबित हो रहा है। युवक के शिकार के बाद से ही वन विभाग की टीम बाघ को टे्रंकुलाइज करने का हर मुमकिन जतन कर रही है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही है। वहीं बाघ अब सवाई खोह से आगे निकल चुका है। बाघ की लोकेशन देर शाम तक कैलादेवी अभयारण्य की हडिया खोह में बताई जा रही है। अंधेरा होने से नहीं कर सके टे...

गणेश विसर्जनादरम्यान दोघांचा बुडून मृत्यू

2019-09-13T21:05:02
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कामठी/पचखेडी (जि. नागपूर): जिल्ह्यातील वेगवेगळ्या दोन घटनांत गणेश विसर्जन करण्यास गेलेल्या दोघांचा बुडून मृत्यू झाला. कुणाल हरिभाऊ उमरेडकर (वय 19, रा. राजलक्ष्मीनगर, कळमना) व गुलाब श्‍यामराव डंभारे (वय 53, रा. गोठणगाव, ता. कुही) असे मृताचे नावे आहेत. मिलालेल्या माहितीनुसार, कामठी तालुक्‍याअंतर्गत राजलक्ष्मीनगर नाका नंबर चार कळमना येथील गणेशमूर्तीच्या विसर्जनासाठी कळमना मार्गावरील हॉटेल रिलॅक्‍स नजीकच्या चौपदरी रस्ता बांधकामासाठी खोदून ठेवलेल्या नाल्यात विसर्जन करायला जवळपास आठ तरुण खोल पाण्यात उतरले होते. त्यात मृत कुणाल उमरेडकर, शेख अजीब शेख शरीफ व शुभम ठेंबरे हे पाण्यात बुडायला लागले, दोघे बाहेर पडले मात्र कुणाल बुडाल्याने त्याचा मृत्यू झाला. माहिती मिळताच ठाणेदार संतोष बाकल घटनास्थळी दाखल झाले. त्यांनी कृणालला बाहेर काढून शासकीय उपजिल...

बेखौफ बाघ हो गया खतरनाक, अब तक ली 3 इंसानों की जान

2019-09-13T03:26:54
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-अध्ययन रिपोर्ट में खुलासा : टी-104 में मानव भय समाप्त-इस साल अब तक किया तीन लोगों का शिकार जयपुर/सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर टाइगर अभ्यारण्य (Ranthambore Tiger Reserve) के बाघ टी-104 (Tiger t-104) ने गुरुवार को कैलादेवी अभयारण्य (Kailadevi Sanctuary) क्षेत्र में करौली के सपोटरा के सिमिर-बाग गांव में 26 वर्षीय युवक पिंटू पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। बाघ टी-104 इस वर्ष पहले भी दो लोगों को हमला कर मार चुका है। बाघ टी-104 के फरवरी 2019 में कुण्डेरा के पाडली गांव में महिला का शिकार (Prey) करने पर इसके स्वभाव का अध्ययन (Nature study) किया गया। इस अध्ययन रिपोर्ट (Study report) में यह खुलासा हुआ कि बाघ टी-104 में इंसान का डर (Human fear) खत्म हो गया है इस कारण उसके स्वभाव में उग्रता आ गई है और वह बार-बार जंगल से निकलकर आबादी क्षेत्र में पहु...


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